मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में आगामी संभावित गंभीर जल संकट और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए निजी नलकूप (ट्यूबवेल) के खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी शिवम वर्मा ने एक आदेश जारी कर पूरे इंदौर जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को ‘जल अभावग्रस्त’ घोषित कर दिया है। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले बोरिंग मशीन संचालकों और संबंधित व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसके तहत बोरिंग मशीन जब्त करने के साथ-साथ दो साल तक की जेल या 2 हजार रुपए तक का जुर्माना अथवा दोनों सजाएं हो सकती हैं। इस नियम का सख्ती से पालन कराने के लिए राजस्व विभाग, पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं।
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